बारिश ने रोकी जिंदगी की रफ्तार! अधूरा पुल बना आफत, दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क टूटा


पंचायत स्तर पर बन रहा पुल अधूरा, राहगीरों की परेशानी बढ़ी; जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

पलामू: लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पलामू के सदर थाना क्षेत्र में जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। गौरहो शिव मंदिर के समीप कांदु मोहल्ला के पास जलस्तर बढ़ने और पानी का तेज बहाव होने से लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही भी जोखिम भरी बन गई है।
सबसे ज्यादा परेशानी कांदु मोहल्ला के पास पंचायत स्तर पर बनाए जा रहे निर्माणाधीन पुल* के कारण उत्पन्न हो गई है। पुल का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं होने का खामियाजा बारिश के बीच स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। तेज बारिश और पानी के बढ़ते बहाव के कारण रास्ते बाधित हो गए हैं और *दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य शहर से लगभग पूरी तरह टूट गया है।
राहगीर परेशान, लेकिन मदद के इंतजार में ग्रामीण
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ है। बारिश के दौरान पानी का बहाव तेज होते ही इस मार्ग से गुजरना बेहद मुश्किल और खतरनाक हो जाता है। राहगीरों को जान जोखिम में डालकर आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सुआ गांव के मुखिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के जिम्मेदार लोग इस गंभीर समस्या पर अब तक कोई ठोस पहल करते नजर नहीं आए हैं। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि राहगीरों और ग्रामीणों की परेशानी दूर करने के लिए अब तक कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान दिया गया होता, तो आज बारिश के मौसम में लोगों को इतनी गंभीर परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
बच्चों की पढ़ाई ठप, मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
संपर्क मार्ग बाधित होने का सबसे बड़ा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। तेज पानी के बहाव और खराब रास्तों के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वहीं, दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक हो गई है। रास्ता बंद होने के कारण मजदूर शहर और आसपास के इलाकों तक काम की तलाश में नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे में कई परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का सवाल—जिम्मेदार कब जागेंगे?
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर बन रहे इस पुल का निर्माण कार्य समय पर पूरा कर लिया गया होता, तो मानसून के दौरान लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों ने प्रशासन, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि पुल निर्माण का कार्य तेजी से पूरा कराया जाए और तब तक प्रभावित ग्रामीणों व राहगीरों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल, लगातार बारिश और अधूरे पुल ने दर्जनों गांवों की जिंदगी की रफ्तार थाम दी है। टूटे संपर्क मार्ग, तेज पानी का बहाव, बच्चों की रुकी पढ़ाई और मजदूरों की बढ़ती चिंता के बीच ग्रामीण अब सिर्फ एक सवाल पूछ रहे हैं—जब परेशानी सबके सामने है, तो आखिर जिम्मेदार लोग समाधान के लिए आगे कब आएंगे?

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